नमस्ते, मेरा नाम संजीव कुमार है।

 मेरे लिए हर कहानी एक बंद दरवाज़े की तरह होती है, जिसके पीछे एक पूरी दुनिया छिपी होती है—कुछ नए लोग, कुछ अनकहे रहस्य और कुछ अनदेखे रास्ते। एक लेखक के तौर पर, मेरा काम उस दरवाज़े की चाबी बनाना और पाठकों को उस दुनिया के सफ़र पर ले जाना है।

पेशे से मैं एक इंजीनियर हूँ, और शायद इसीलिए मैं कहानियों को केवल महसूस नहीं करता, मैं उन्हें गढ़ता हूँ (I engineer them)। मेरे लेखन में आपको तर्क और कल्पना का एक संगम मिलेगा। मैं शब्दों का एक ऐसा ढाँचा तैयार करता हूँ, जिसकी नींव भावनाओं पर टिकी होती है और जिसकी दीवारें तर्क से मज़बूत होती हैं।

मैं बिहार के दरभंगा की मिट्टी से जुड़ा हूँ। यहाँ की सादगी, यहाँ के लोगों की बातें और यहाँ का ठहराव मुझे उन कहानियों को ढूंढने में मदद करता है जो अक्सर रोज़मर्रा की ज़िन्दगी की भीड़ में खो जाती हैं।

 अगर आप भी किसी नए दरवाज़े को खोलकर एक अनोखी दुनिया में झाँकने के लिए तैयार हैं, तो मेरी किताबों की दुनिया में आपका स्वागत है। चलिए, इस सफ़र की शुरुआत करते हैं।

“मेरी इस सोच को और गहराई से जानने के लिए, आप मेरी किताबों से अपना सफ़र शुरू कर सकते हैं।”

     मेरी किताबें देखें

Facebook Twitter Instagram Linkedin Youtube